ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ ٣
जो अत्यंत दयावान्, असीम दया वाला3 है।
फ़ुटनोट
3 अर्थात वह संसार की व्यवस्था एवं रक्षा अपनी अपार दया से कर रहा है। अतः प्रशंसा एवं पूजा के योग्य भी मात्र वही है।
तफ़सीर
पिछली आयत में अल्लाह तआला की हम्द (स्तुति) करने के बाद, यहाँ उसकी प्रशंसा की जा रही है।