सूरह Al-Baqarah, आयत 279

2:279

فَإِن لَّمۡ تَفۡعَلُواْ فَأۡذَنُواْ بِحَرۡبٖ مِّنَ ٱللَّهِ وَرَسُولِهِۦۖ وَإِن تُبۡتُمۡ فَلَكُمۡ رُءُوسُ أَمۡوَٰلِكُمۡ لَا تَظۡلِمُونَ وَلَا تُظۡلَمُونَ ٢٧٩

फिर यदि तुमने ऐसा न किया, तो अल्लाह और उसके रसूल की ओर से युद्ध की घोषणा से सावधान हो जाओ। और यदि तुम तौबा कर लो, तो तुम्हारे लिए तुम्हारे मूलधन हैं, न तुम अत्याचार करोगे184 और न तुमपर अत्याचार किया जाएगा।

फ़ुटनोट

184 अर्थात मूल धन से अधिक नहीं लोगे।

तफ़सीर

अगर तुम वह काम न करो, जिसका तुम्हें आदेश दिया गया है, तो तुम जान लो और यक़ीन कर लो कि अल्लाह और उसके रसूल की ओर से युद्ध की घोषणा है। अगर तुम अल्लाह के समक्ष तौबा कर लो और ब्याज छोड़ दो, तो तुम्हें उधार दी हुई मूल पूँजी वसूल करने का अधिकार है। अपनी मूल पूँजी से अधिक लेकर न तुम किसी पर अत्याचार करोगे और न उसमें कमी करके तुमपर अत्याचार किया जाएगा।