فَلَا ٱقۡتَحَمَ ٱلۡعَقَبَةَ ١١
परंतु उसने दुर्लभ घाटी में प्रवेश ही नहीं किया।
तफ़सीर
उसे चाहि था कि उस घाटी को पार करता, जो उसे जन्नत से अलग करती है। चुनाँचे वह उसे तय करता और उसे पार कर जाता।
فَلَا ٱقۡتَحَمَ ٱلۡعَقَبَةَ ١١
परंतु उसने दुर्लभ घाटी में प्रवेश ही नहीं किया।
उसे चाहि था कि उस घाटी को पार करता, जो उसे जन्नत से अलग करती है। चुनाँचे वह उसे तय करता और उसे पार कर जाता।