सूरह Al-A'raf, आयत 192

7:192

وَلَا يَسۡتَطِيعُونَ لَهُمۡ نَصۡرٗا وَلَآ أَنفُسَهُمۡ يَنصُرُونَ ١٩٢

तथा वे न उनकी कोई सहायता कर सकते हैं और न स्वयं अपनी सहायता करते हैं?

तफ़सीर

ये पूज्य न अपने पूजकों की सहायता कर सकते हैं और न खुद अपनी सहायता कर सकते हैं, तो फिर वे इनकी इबादत कैसे करते हैं?!