सूरह Al-Anfal, आयत 47

8:47

وَلَا تَكُونُواْ كَٱلَّذِينَ خَرَجُواْ مِن دِيَٰرِهِم بَطَرٗا وَرِئَآءَ ٱلنَّاسِ وَيَصُدُّونَ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِۚ وَٱللَّهُ بِمَا يَعۡمَلُونَ مُحِيطٞ ٤٧

और उन23 लोगों के समान न हो जाओ, जो अपने घरों से इतराते हुए तथा लोगों को दिखावा करते हुए निकले। और वे अल्लाह के मार्ग से रोकते थे। हालाँकि जो कुछ वे कर रहे थे, अल्लाह उसे (अपने ज्ञान के) घेरे में लिए हुए है।

फ़ुटनोट

23 इससे अभिप्राय मक्का की सेना है, जिसको अबू जह्ल लाया था।

तफ़सीर

और उन मुश्रिकों के समान न हो जाओ, जो मक्का से घमंड करते हुए तथा लोगों को दिखावा करते हुए निकले। तथा वे लोगों को अल्लाह के धर्म (इस्लाम) से दूर करते और उन्हें उसमें प्रवेश करने से रोकते हैं। हालाँकि जो कुछ वे करते हैं, अल्लाह उसे (अपने ज्ञान के) घेरे में लिए हुए है। उनके कामों में से कुछ भी उससे छिपा नहीं है, और वह उन्हें उनका बदला देगा।