सूरह Al-Anfal, आयत 12

8:12

إِذۡ يُوحِي رَبُّكَ إِلَى ٱلۡمَلَٰٓئِكَةِ أَنِّي مَعَكُمۡ فَثَبِّتُواْ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْۚ سَأُلۡقِي فِي قُلُوبِ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ ٱلرُّعۡبَ فَٱضۡرِبُواْ فَوۡقَ ٱلۡأَعۡنَاقِ وَٱضۡرِبُواْ مِنۡهُمۡ كُلَّ بَنَانٖ ١٢

जब आपका पालनहार फ़रिश्तों की ओर वह़्य कर रहा था कि निःसंदेह मैं तुम्हारे साथ हूँ। अतः तुम ईमान वालों को स्थिर रखो। शीघ्र ही मैं काफ़िरों के दिलों में भय डाल दूँगा। तो (ऐ मुसलमानों!) तुम उनकी गरदनों के ऊपर मारो तथा उनके पोर-पोर पर आघात पहुँचाओ।

तफ़सीर

(ऐ नबी!) जब आपका पालनहार उन फ़रिश्तों की ओर वह़्य कर रहा था, जिन्हें बद्र के दिन मोमिनों की सहायता के लिए भेजा था कि (ऐ फ़रिश्तो!) मैं मदद और समर्थन के द्वारा तुम्हारे साथ हूँ। अतः अपने दुश्मनों से लड़ने में मोमिनों के संकल्प को मज़बूत करो। मैं शीघ्र ही काफ़िरों के दिलों में अत्यधिक भय डाल दूँगा। इसलिए तुम (ऐ मोमिनो!) काफ़िरों की गरदनें उड़ाते जाओ, ताकि उनका काम तमाम हो जाए, और उनके जोड़ों और शरीर के अंगों पर वार किए जाओ, ताकि तुमसे युद्ध करने से असमर्थ हो जाएँ।