सूरह Al-Anbiya, आयत 97

21:97

وَٱقۡتَرَبَ ٱلۡوَعۡدُ ٱلۡحَقُّ فَإِذَا هِيَ شَٰخِصَةٌ أَبۡصَٰرُ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ يَٰوَيۡلَنَا قَدۡ كُنَّا فِي غَفۡلَةٖ مِّنۡ هَٰذَا بَلۡ كُنَّا ظَٰلِمِينَ ٩٧

और सच्चा वादा42 क़रीब आ जाएगा, तो अचानक यह होगा कि उन लोगों की आँखें खुली रह जाएँगी, जिन्होंने कुफ़्र किया। (वे कहेंगे :) हाय हमारा विनाश! निःसंदेह हम इससे ग़फ़लत में थे, बल्कि हम अत्याचारी थे।

फ़ुटनोट

42 सच्चा वादा से अभिप्राय प्रलय का वादा है।

तफ़सीर

उनके निकलने से क़ियामत क़रीब आ जाएगी और उसकी भयावहता और कठिनाइयाँ दिखाई देनी लगेंगी, जिनकी सख़्त भयंकरता से काफ़िरों की आँखें खुली रह जाएँगी और वे कहेंगे : हाय हमारा विनाश, हम दुनिया में इस महान दिन की तैयारी से मस्ती और ग़फ़लत में थे। बल्कि हम कुफ़्र एवं अवज्ञा करके स्वयं पर अत्याचार करने वाले थे।