مَآ ءَامَنَتۡ قَبۡلَهُم مِّن قَرۡيَةٍ أَهۡلَكۡنَٰهَآۖ أَفَهُمۡ يُؤۡمِنُونَ ٦
इनसे पहले कोई बस्ती, जिसे हमने विनष्ट किया, ईमान5 नहीं लाई। तो क्या ये ईमान ले आएँगे?
फ़ुटनोट
5 अर्थात निशानियाँ देख कर भी ईमान नहीं लाई।
तफ़सीर
इन चमत्कार की माँग करने वालों से पहले कोई बस्ती, जिसने चमत्कारों का प्रस्ताव रखा, फिर उसे उसके सुझाव के अनुसार दिया गया, ईमान नहीं लाई। बल्कि उन्होंने उसे झुठला दिया, तो हमने उन्हें नष्ट कर दिया। तो क्या ये लोग ईमान ले आएँगे।