सूरह Al-Anbiya, आयत 46

21:46

وَلَئِن مَّسَّتۡهُمۡ نَفۡحَةٞ مِّنۡ عَذَابِ رَبِّكَ لَيَقُولُنَّ يَٰوَيۡلَنَآ إِنَّا كُنَّا ظَٰلِمِينَ ٤٦

और निश्चय यदि उन्हें आपके पालनहार की तनिक यातना भी छू जाए, तो अवश्य पुकार उठेंगे : हाय हमारा विनाश! निश्चय हम ही अत्याचारी23 थे।

फ़ुटनोट

23 अर्थात अपने पापों को स्वीकार कर लेंगे।

तफ़सीर

और यदि इन यातना के लिए जल्दी मचाने वाले लोगों को (ऐ रसूल!) आपके पालनहार की यातना का तनिक हिस्सा भी छू जाए, तो वे उस समय अवश्य कहेंगे : हाय हमारा विनाश और हमारा नुक़सान! निश्चय हम अल्लाह का साझी बनाकर और मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की लाई हुई शरीयत का इनकार करके अत्याचार करने वाले थे।