सूरह Al-Anbiya, आयत 45

21:45

قُلۡ إِنَّمَآ أُنذِرُكُم بِٱلۡوَحۡيِۚ وَلَا يَسۡمَعُ ٱلصُّمُّ ٱلدُّعَآءَ إِذَا مَا يُنذَرُونَ ٤٥

(ऐ नबी!) आप कह दें कि मैं तो तुम्हें केवल वह़्य के साथ डराता हूँ। और बहरे पुकार को नहीं सुनते, जब कभी डराए जाते हैं।

तफ़सीर

(ऐ रसूल!) कह दें : (ऐ लोगो!) मैं तुम्हें अल्लाह की यातना से उस वह़्य के अनुसार डराता हूँ, जो मेरा रब मेरी ओर भेजता है। परंतु सत्य से बहरे, जब अल्लाह की यातना से डराए जाते हैं, तो उसे स्वीकार करने के उद्देश्य से नहीं सुनते।