قُل لَّوۡ أَنَّ عِندِي مَا تَسۡتَعۡجِلُونَ بِهِۦ لَقُضِيَ ٱلۡأَمۡرُ بَيۡنِي وَبَيۡنَكُمۡۗ وَٱللَّهُ أَعۡلَمُ بِٱلظَّٰلِمِينَ ٥٨
आप कह दें : यदि वाक़ई मेरे पास वह चीज़ होती जो तुम जल्दी माँग रहे हो, तो हमारे और तुम्हारे बीच मामले का निर्णय अवश्य कर दिया जाता44 तथा अल्लाह अत्याचारियों को अधिक जानने वाला है।
फ़ुटनोट
44 अर्थात निर्णय का अधिकार अल्लाह को है, जो उसके निर्धारित समय पर हो जाएगा।
तफ़सीर
(ऐ रसूल!) आप उनसे कह दें : यदि मेरे पास और मेरे अधिकार में वह यातना होती जिसके लिए तुम जल्दी कर रहे हो, तो मैं उसे तुमपर अवश्य उतार देता। और उस समय मेरे और तुम्हारे बीच मामले का फैसला कर दिया जाता। (लेकिन मामला अल्लाह के अधिकार में है) और अल्लाह अत्याचारियों को अधिक जानता है कि वह उन्हें कितनी मोहलत देगा और कब उन्हें दंडित करेगा।