قَدۡ خَسِرَ ٱلَّذِينَ قَتَلُوٓاْ أَوۡلَٰدَهُمۡ سَفَهَۢا بِغَيۡرِ عِلۡمٖ وَحَرَّمُواْ مَا رَزَقَهُمُ ٱللَّهُ ٱفۡتِرَآءً عَلَى ٱللَّهِۚ قَدۡ ضَلُّواْ وَمَا كَانُواْ مُهۡتَدِينَ ١٤٠
निश्चय वे लोग क्षति में पड़ गए, जिन्होंने मूर्खता के कारण, बिना किसी ज्ञान के, अपने संतान की हत्या की।89 और उस जीविका को, जो अल्लाह ने उन्हें प्रदान की थी, अल्लाह पर आरोप लगाकर, अवैध बना लिया। वास्तव में, वे भटक गए और सीधी राह प्राप्त नहीं कर सके।
फ़ुटनोट
89 जैसा कि आधुनिक सभ्य समाज में "सुखी परिवार" के लिए अनेक प्रकार से किया जा रहा है।
तफ़सीर
वे लोग नष्ट हो गए, जिन्होंने अपनी नासमझी एवं अज्ञानता के कारण अपनी संतान की हत्या की और अल्लाह के दिए हुए जानवरों को, झूठे तौर पर अल्लाह की ओर निसबत करके हराम ठहरा लिया। निश्चय वे सीधे रास्ते से दूर हो गए और वे उस पर निर्देशित नहीं थे।