۞ قَدۡ يَعۡلَمُ ٱللَّهُ ٱلۡمُعَوِّقِينَ مِنكُمۡ وَٱلۡقَآئِلِينَ لِإِخۡوَٰنِهِمۡ هَلُمَّ إِلَيۡنَاۖ وَلَا يَأۡتُونَ ٱلۡبَأۡسَ إِلَّا قَلِيلًا ١٨
निश्चय अल्लाह तुम में से उन लोगों को भली-भाँति जानता है, जो (जिहाद से) रोकने वाले हैं और जो अपने भाइयों से कहते हैं कि हमारे पास चले आओ और वे युद्ध में बहुत कम आते हैं।
तफ़सीर
अल्लाह तुम में से उन लोगों को जानता है, जो दूसरे लोगों को अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साथ मिलकर लड़ने से हतोत्साहित करते हैं, और जो अपने भाइयों से कहते हैं : हमारे पास आओ और उनके साथ युद्ध में शामिल न हो ताकि तुम मारे न जाओ। क्योंकि हमें तुम्हारे मारे जाने का भय है। और ये हतोत्साहित करने वाले युद्ध में नहीं आते हैं और शायद ही कभी उसमें भाग लेते हैं; ताकि अपने आप से अपमान को दूर कर सकें, इसलिए नहीं कि वे अल्लाह और उसके रसूल की मदद करें।