بَلۡ هُمۡ فِي شَكّٖ يَلۡعَبُونَ ٩
बल्कि वे संदेह में पड़े खेल रहे हैं।
तफ़सीर
ये मुश्रिक उसपर विश्वास करने वाले नहीं हैं, बल्कि वे उसके बारे में संदेह में पड़े हुए हैं और वे जिस झूठ पर क़ायम हैं उसके कारण उससे ग़ाफ़िल हैं।
بَلۡ هُمۡ فِي شَكّٖ يَلۡعَبُونَ ٩
बल्कि वे संदेह में पड़े खेल रहे हैं।
ये मुश्रिक उसपर विश्वास करने वाले नहीं हैं, बल्कि वे उसके बारे में संदेह में पड़े हुए हैं और वे जिस झूठ पर क़ायम हैं उसके कारण उससे ग़ाफ़िल हैं।