सूरह Ad-Dukhan, आयत 10

44:10

فَٱرۡتَقِبۡ يَوۡمَ تَأۡتِي ٱلسَّمَآءُ بِدُخَانٖ مُّبِينٖ ١٠

तो आप उस दिन की प्रतीक्षा करें, जब आकाश प्रत्यक्ष धुआँ2 लाएगा।

फ़ुटनोट

2 इस प्रत्यक्ष धुएँ तथा दुःखदायी यातना की व्याख्या सह़ीह़ ह़दीस में यह आयी है कि जब मक्कावासियों ने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का कड़ा विरोध किया, तो आपने यह शाप दिया कि ऐ अल्लाह! उनपर सात वर्ष का अकाल भेज दे। और जब अकाल आया, तो भूख के कारण उन्हें धुआँ जैसा दिखाई देने लगा। तब उन्होंने आप से कहा कि आप अल्लाह से प्रार्थना कर दें। वह हमसे अकाल दूर कर देगा, तो हम ईमान ले आएँगे। और जब अकाल दूर हुआ तो फिर अपनी स्थिति पर लौट आए। फिर अल्लाह ने बद्र के युद्ध के दिन उनसे बदला लिया। (सह़ीह़ बुख़ारी : 4821, तथा सह़ीह़ मुस्लिम : 2798)

तफ़सीर

तो (ऐ रसूल!) आप अपनी जाति पर जल्द ही आने वाली यातना की प्रतीक्षा करें, जो उस दिन आएगी, जिस दिन आकाश स्पष्ट धुएँ के साथ आएगा, जिसे वे गंभीर भूख के कारण अपनी आँखों से देख रहे होंगे।