सूरह Yusuf, आयत 95

12:95

قَالُواْ تَٱللَّهِ إِنَّكَ لَفِي ضَلَٰلِكَ ٱلۡقَدِيمِ ٩٥

उन लोगों30 ने कहा : अल्लाह की क़सम! निश्चय आप अपनी पुरानी भ्रांति ही में पड़े हुए हैं।

फ़ुटनोट

30 याक़ूब अलैहिस्सलाम के परिजनों ने जो फ़िलस्तीन में उनके पास थे।

तफ़सीर

उनके पास मौजूद उनके बेटों ने कहा : अल्लाह की क़सम! आप अभी भी अपने निकट यूसुफ़ की स्थिति और उन्हें फिर से देखने की संभावना के बारे में अपने पिछले भ्रम में हैं।