فَلَمَّا رَجَعُوٓاْ إِلَىٰٓ أَبِيهِمۡ قَالُواْ يَٰٓأَبَانَا مُنِعَ مِنَّا ٱلۡكَيۡلُ فَأَرۡسِلۡ مَعَنَآ أَخَانَا نَكۡتَلۡ وَإِنَّا لَهُۥ لَحَٰفِظُونَ ٦٣
फिर जब वे अपने पिता के पास लौटे, तो कहा : ऐ हमारे पिता! हमसे (भविष्य में) माप रोक लिया गया है। अतः हमारे साथ हमारे भाई को भेजें कि हम माप (ग़ल्ला) लेकर आएँ और निःसंदेह हम उसकी अवश्य रक्षा करने वाले हैं।
तफ़सीर
जब वे अपने पिता के पास लौटे, और उन्हें बताया कि यूसुफ़ ने उनका किस तरह सम्मान किया है, तो उन्होंने कहा : हे हमारे पिता! हमारे अपने भाई को अपने साथ न लाने पर हमसे ग़ल्ले की आपूर्ति रोक दी गई है। इसलिए उसे हमारे साथ भेजें। क्योंकि यदि आप उसे हमारे साथ भेजते हैं, तो हमें ग़ल्ले का माप मिलेगा। और हम आपसे उसकी तब तक रक्षा करने की प्रतिज्ञा करते हैं जब तक कि वह आपके पास सुरक्षित रूप से वापस न आ जाए।