सूरह Yusuf, आयत 26

12:26

قَالَ هِيَ رَٰوَدَتۡنِي عَن نَّفۡسِيۚ وَشَهِدَ شَاهِدٞ مِّنۡ أَهۡلِهَآ إِن كَانَ قَمِيصُهُۥ قُدَّ مِن قُبُلٖ فَصَدَقَتۡ وَهُوَ مِنَ ٱلۡكَٰذِبِينَ ٢٦

उसने कहा : इसी ने मुझे रिझाना चाहा था और उस स्त्री के घराने से एक गवाह ने गवाही दी कि यदि उसका कुर्ता आगे से फाड़ा गया है, तो वह (महिला) सच्ची है और वह झूठा है।

तफ़सीर

यूसुफ़ अलैहिस्सलाम ने कहा : इसी ने मुझे कुकर्म करने को कहा था। मैंने उससे ऐसा नहीं चाहा था। ऐसे में उसके परिवार में से एक साक्षी उठ खड़ा हुआ और उसने यह कहकर गवाही दी : यदि यूसुफ़ का कुर्ता आगे से फटा है, तो यह उस स्त्री के सच्ची होने का संकेत है, क्योंकि वह उसे खुद से रोक रही थी, अतः वह (यूसुफ़) झूठा है।