أَلَآ إِنَّ لِلَّهِ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۗ أَلَآ إِنَّ وَعۡدَ ٱللَّهِ حَقّٞ وَلَٰكِنَّ أَكۡثَرَهُمۡ لَا يَعۡلَمُونَ ٥٥
सुनो! आकाशों और धरती में जो कुछ है, अल्लाह ही का है। सुनो! निःसंदेह अल्लाह का वादा सच्चा है, लेकिन उनमें से अधिकतर लोग नहीं जानते।
तफ़सीर
सुन लो! जो कुछ आकाशों में है उसका मालिक और जो कुछ धरती में है उसका मालिक केवल अल्लाह है। याद रखो! निःसंदेह काफिरों को दंडित करने का अल्लाह का वादा सच्चा है, जिसमें कोई संदेह नहीं है। परंतु अधिकांश लोग इस बात को नहीं जानते। अतः वे (इसके बारे में) संदेह करते हैं।