سَلَٰمٞ قَوۡلٗا مِّن رَّبّٖ رَّحِيمٖ ٥٨
सलाम हो। उस पालनहार की ओर से कहा जाएगा, जो अत्यंत दयावान् है।
तफ़सीर
और इन सारी नेमतों से बढ़कर उन्हें सलाम प्राप्त होगा। यह उस पालनहार की ओर से कहा जाएगा, जो उनपर अत्यंत दया करने वाला है। चुनाँचे जब वह उन्हें सलाम कहेगा, तो उन्हें हर तरह से सुरक्षा प्राप्त होगी और उन्हें वह अभिवादन (सलाम) प्राप्त होगा, जिससे बढ़कर कोई अभिवादन नहीं।