يَوۡمَئِذٖ يَتَّبِعُونَ ٱلدَّاعِيَ لَا عِوَجَ لَهُۥۖ وَخَشَعَتِ ٱلۡأَصۡوَاتُ لِلرَّحۡمَٰنِ فَلَا تَسۡمَعُ إِلَّا هَمۡسٗا ١٠٨
उस दिन वे पुकारने वाले का अनुसरण करेंगे, उसका अनुसरण करने से कोई विमुख नहीं होगा, और सभी आवाजें रहमान के लिए धीमी हो जाएँगी, फिर तुम एक बहुत ही धीमी आवाज के अलावा कुछ भी नहीं सुनोगे।
तफ़सीर
उस दिन लोग महशर (क़ियामत के मैदान) की ओर बुलाने वाले की आवाज़ का अनुसरण करेंगे। उन्हें उसके पीछे चलने से कोई फेरने वाला नहीं होगा और सभी आवाज़ें रहमान के डर से खामोश हो जाएँगी। अतः उस दिन तुम्हें एक धीमी आवाज़ के अतिरिक्त कुछ सुनाई नहीं देगा।