مَا كَانَ لِيَ مِنۡ عِلۡمِۭ بِٱلۡمَلَإِ ٱلۡأَعۡلَىٰٓ إِذۡ يَخۡتَصِمُونَ ٦٩
मुझे उच्च सभा (मलए आ'ला) का कभी कुछ ज्ञान नहीं, जब वे वाद-विवाद करते हैं।
तफ़सीर
आदम की रचना के बारे में फ़रिश्तों के बीच जो बात चल रही थी मुझे उसका कभी कोई ज्ञान नहीं था, यदि अल्लाह ने मेरी ओर वह़्य न की होती और मुझे जानकारी न दी होती।