وَقَالُواْ مَا لَنَا لَا نَرَىٰ رِجَالٗا كُنَّا نَعُدُّهُم مِّنَ ٱلۡأَشۡرَارِ ٦٢
तथा वे कहेंगे : हमें क्या हुआ कि हम उन लोगों को नहीं देख रहे हैं, जिनकी गणना हम बुरे लोगों में किया करते थे?15
फ़ुटनोट
15 इससे उनका संकेत उन निर्धन-निर्बल मुसलमानों की ओर होगा जिन्हें वे संसार में उपद्रवी कह रहे थे।
तफ़सीर
सरकश अभिमानी लोग कहेंगे : हमें क्या हुआ कि हम अपने साथ जहन्नम में उन लोगों को नहीं देखते, जिन्हें हम दुनिया में उन अभागा लोगों में से समझते थे जो यातना के पात्र थे।