بَلِ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ فِي عِزَّةٖ وَشِقَاقٖ ٢
बल्कि वे लोग जिन्होंने कुफ़्र किया, अभिमान और विरोध में पड़े हुए हैं।
तफ़सीर
लेकिन काफ़िर लोग अल्लाह की तौहीद (एकेश्वरवाद) के बार में स्वाभिमान और अहंकार में हैं, तथा मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के विरोध और उनसे दुश्मनी में पड़े हुए हैं।