وَلَقَدۡ خَلَقۡنَا ٱلۡإِنسَٰنَ وَنَعۡلَمُ مَا تُوَسۡوِسُ بِهِۦ نَفۡسُهُۥۖ وَنَحۡنُ أَقۡرَبُ إِلَيۡهِ مِنۡ حَبۡلِ ٱلۡوَرِيدِ ١٦
निःसंदेह हमने मनुष्य को पैदा किया और हम जानते हैं जो कुछ विचार उसके मन में आता है और हम उसके गले की उस नस से भी अधिक क़रीब हैं जो दिल से जुड़ी होती है।
तफ़सीर
निःसंदेह हमने इनसान को पैदा किया और हम उन विचारों और ख़यालों से अवगत हैं, जो उसके दिल में आते हैं। और हम उससे उसके गले की उस नस से भी अधिक क़रीब हैं जो दिल से जुड़ी होती है।