सूरह Muhammad, आयत 29

47:29

أَمۡ حَسِبَ ٱلَّذِينَ فِي قُلُوبِهِم مَّرَضٌ أَن لَّن يُخۡرِجَ ٱللَّهُ أَضۡغَٰنَهُمۡ ٢٩

या उन लोगों ने जिनके दिलों में कोई बीमारी है, यह समझ रखा है कि अल्लाह उनके द्वेष कभी प्रकट नहीं करेगा?11

फ़ुटनोट

11 अर्थात जो द्वेष और बैर इस्लाम और मुसलमानों से रखते हैं, अल्लाह उसे अवश्य उजागर करके रहेगा।

तफ़सीर

क्या वे मुनाफ़िक़, जिनके दिलों में संदेह है, यह समझते हैं कि अल्लाह उनके द्वेष को बाहर नहीं निकालेगा और उन्हें प्रकट नहीं करेगा?! निश्चय अल्लाह विपत्तियों के द्वारा उन्हें अवश्य बाहर निकालेगा। ताकि सच्चे ईमान वाला झूठे से अलग हो जाए तथा ईमान वाला स्पष्ट हो जाए और मुनाफिक़ का पर्दाफाश हो जाए।