सूरह Muhammad, आयत 12

47:12

إِنَّ ٱللَّهَ يُدۡخِلُ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّٰلِحَٰتِ جَنَّٰتٖ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُۖ وَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ يَتَمَتَّعُونَ وَيَأۡكُلُونَ كَمَا تَأۡكُلُ ٱلۡأَنۡعَٰمُ وَٱلنَّارُ مَثۡوٗى لَّهُمۡ ١٢

निश्चय अल्लाह उन लोगों को जो ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए, ऐसे बाग़ों में दाखिल करेगा जिनके नीचे से नहरें बहती हैं। तथा जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे फ़ायदा उठाते और खाते हैं, जैसे पशु खाते हैं और आग उनके लिए रहने की जगह है।

तफ़सीर

निश्चय अल्लाह उन लोगों को, जो अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाए और अच्छे कर्म किए, ऐसे बागों में दाखिल करेगा, जिनके महलों और पेड़ों के नीचे से नहरें बहती हैं। तथा जिन लोगों ने अल्लाह और उसके रसूल के साथ कुफ़्र किया, वे अपनी इच्छाओं का पालन करके दुनिया में आनंद लेते हैं और उसी तरह खाते हैं, जैसे जानवर खाते हैं। उन्हें केवल अपने पेट और भोग-विलास की परवाह होती है। और क़ियामत के दिन आग ही उनका ठिकाना है जिसमें वे शरण लेंगे।