सूरह Luqman, आयत 23

31:23

وَمَن كَفَرَ فَلَا يَحۡزُنكَ كُفۡرُهُۥٓۚ إِلَيۡنَا مَرۡجِعُهُمۡ فَنُنَبِّئُهُم بِمَا عَمِلُوٓاْۚ إِنَّ ٱللَّهَ عَلِيمُۢ بِذَاتِ ٱلصُّدُورِ ٢٣

तथा जिसने कुफ़्र किया, उसका कुफ़्र आपको शोकाकुल न करे। हमारी ही ओर उन्हें लौटकर आना है, फिर हम उन्हें बताएँगे, जो कुछ उन्होंने किया। निःसंदेह अल्लाह दिलों के भेदों को ख़ूब जानने वाला है।

तफ़सीर

तथा जिसने कुफ़्र किया, तो (ऐ रसूल) उसका कुफ़्र आपको शोकाकुल न करे। क़ियामत के दिन अकेले हमारी ही ओर उनको लौटना है। फिर हम उन्हें बताएँगे, जो कुछ उन्होंने दुनिया में पाप किए थे और उन्हें उनका बदला देंगे। निःसंदेह अल्लाह सीनों की बातों को ख़ूब जानने वाला है। इनमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है