فَلَا تَحۡسَبَنَّ ٱللَّهَ مُخۡلِفَ وَعۡدِهِۦ رُسُلَهُۥٓۚ إِنَّ ٱللَّهَ عَزِيزٞ ذُو ٱنتِقَامٖ ٤٧
अतः आप हरगिज़ यह न समझें कि अल्लाह अपने रसूलों से किए हुए अपने वादे के विरुद्ध करने वाला है। निःसंदेह अल्लाह प्रभुत्वशाली, बदला लेने वाला है।
तफ़सीर
(ऐ रसूल!) आप हरगिज़ यह न समझें कि अल्लाह, जिसने अपने रसूलों से विजय और धर्म को प्रभुत्व प्रदान करने का वादा किया था, रसूलों से अपने किए हुए वादे के ख़िलाफ़ करने वाला है। निःसंदेह अल्लाह प्रभुत्वशाली है, उसपर किसी चीज़ का ज़ोर नहीं चलता और वह अपने दोस्तों को अवश्य प्रभुत्व प्रदान करेगा। वह अपने दुश्मनों तथा अपने रसूलों के दुश्मनों से सख़्त बदला लेने वाला है।