وَأُوحِيَ إِلَىٰ نُوحٍ أَنَّهُۥ لَن يُؤۡمِنَ مِن قَوۡمِكَ إِلَّا مَن قَدۡ ءَامَنَ فَلَا تَبۡتَئِسۡ بِمَا كَانُواْ يَفۡعَلُونَ ٣٦
और नूह़ की ओर वह़्य (प्रकाशना) की गई कि तुम्हारी जाति में से जो लोग ईमान ला चुके हैं, अब उनके सिवा कोई ईमान नहीं लाएगा। अतः वे जो कुछ कर रहे हैं, उससे तुम दुःखी न हो।
तफ़सीर
और अल्लाह ने नूह़ की ओर वह़्य की : (ऐ नूह!) तुम्हारी जाति में से जो लोग पहले ईमान ला चुके हैं, अब उनके सिवा और कोई ईमान नहीं लाएगा। अतः (ऐ नूह) तुम इस लंबी अवधि के दौरान उनके झुठलाने और मज़ाक उड़ाने के कारण दु:खी न हो।