وَلَقَدۡ أَرۡسَلۡنَا نُوحًا إِلَىٰ قَوۡمِهِۦٓ إِنِّي لَكُمۡ نَذِيرٞ مُّبِينٌ ٢٥
और हमने नूह़ को उसकी जाति की ओर रसूल बनाकर भेजा। (उन्होंने कहा :) निःसंदेह मैं तुम्हें साफ़-साफ़ सावधान करने वाला हूँ।
तफ़सीर
हमने नूह़ अलैहिस्सलाम को उनकी जाति की ओर रसूल बनाकर भेजा। तो उन्होंने उनसे कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! मैं तुम्हें अल्लाह के अज़ाब से डराने वाला हूँ तथा मुझे तुम्हारी ओर जो कुछ देकर भेजा गया है, उसे खोल-खोलकर बताने वाला हूँ।