ٱلَّذِينَ لَا يُؤۡتُونَ ٱلزَّكَوٰةَ وَهُم بِٱلۡأٓخِرَةِ هُمۡ كَٰفِرُونَ ٧
जो ज़कात नहीं देते तथा वे आख़िरत का (भी) इनकार करते हैं।
तफ़सीर
जो लोग अपने धन की ज़कात नहीं देते, तथा आखिरत और उसकी सदा बाकी रहने वाली नेमतों एवं दर्दनाक यातना का इनकार करते हैं।