सूरह Fussilat, आयत 5

41:5

وَقَالُواْ قُلُوبُنَا فِيٓ أَكِنَّةٖ مِّمَّا تَدۡعُونَآ إِلَيۡهِ وَفِيٓ ءَاذَانِنَا وَقۡرٞ وَمِنۢ بَيۡنِنَا وَبَيۡنِكَ حِجَابٞ فَٱعۡمَلۡ إِنَّنَا عَٰمِلُونَ ٥

तथा उन्होंने1 कहा : हमारे दिल उससे पर्दों में हैं, जिसकी ओर आप हमें बुला रहे हैं तथा हमारे कानों में बोझ (बहरापन) है तथा हमारे और आपके बीच एक ओट है। अतः आप अपना काम करें और हम अपना काम कर रहे हैं।

फ़ुटनोट

1 अर्थात मक्का के मुश्रिकों ने कहा कि यह एकेश्वरवाद की बात हमें समझ में नहीं आती। इसलिए आप हमें हमारे धर्म पर ही रहने दें।

तफ़सीर

तथा उन्होंने कहा कि हमारे दिलों परदों में ढके हैं, अतः वे उसे समझ नहीं पाते जिसकी ओर आप हमें बुला रहे हैं। और हमारें कानों में बोझ है, अतः वह आपकी बात सुन नहीं पाते। और हमारे तथा आपके बीच ऐक परदा है, जिसके कारण आपकी कोई भी बात हम तक नहीं पहुँच नहीं पाती। तो आप अपना रास्ता चलते रहें, हम अपने रास्ते पर चलते हैं। कदापि हम आपका अनुसरण नहीं करेंगे।