सूरह Fussilat, आयत 46

41:46

مَّنۡ عَمِلَ صَٰلِحٗا فَلِنَفۡسِهِۦۖ وَمَنۡ أَسَآءَ فَعَلَيۡهَاۗ وَمَا رَبُّكَ بِظَلَّٰمٖ لِّلۡعَبِيدِ ٤٦

जो व्यक्ति अच्छा कर्म करेगा, तो वह अपने ही लाभ के लिए करेगा और जो बुरा कार्य करेगा, तो उसका दुष्परिणाम उसी पर होगा और आपका पालनहार बंदों पर तनिक भी अत्याचार करने वाला नहीं है।17

फ़ुटनोट

17 अर्थात किसी को बिना पाप के यातना नहीं देता।

तफ़सीर

जो सदाचार करेगा, उसके सदाचार का लाभ उसीको होगा। किसी का सुकर्म अल्लाह को लाभ नहीं देगा। और जो दुराचार करेगा, उसका खामियाज़ा उसे ही भुगतना होगा। अल्लाह को किसी बंदे के पाप से कुछ क्षति नहीं होने वाली। अल्लाह हर एक को उसके कर्म के अनुसार बदला देगा। (ऐ रसूल) आपका पालनहार अपने बंदो पर तनिक भी अत्याचार नहीं करता। न किसी की एक नेकी घटाता है, न किसी का एक गुनाह बढ़ाता है।