सूरह Fatir, आयत 36

35:36

وَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ لَهُمۡ نَارُ جَهَنَّمَ لَا يُقۡضَىٰ عَلَيۡهِمۡ فَيَمُوتُواْ وَلَا يُخَفَّفُ عَنۡهُم مِّنۡ عَذَابِهَاۚ كَذَٰلِكَ نَجۡزِي كُلَّ كَفُورٖ ٣٦

और जिन लोगों ने कुफ़्र किया, उनके लिए जहन्नम की आग है। न उनपर (मृत्यु का) फैसला किया जाएगा कि वे मर जाएँ, और न उनसे उसकी यातना ही कुछ हल्की की जाएगी। हम प्रत्येक अकृतज्ञ को इसी तरह बदला दिया करते हैं।

तफ़सीर

और जिन लोगों ने अल्लाह के साथ कुफ़्र किया, उनके लिए जहन्नम की आग है, जिसमें वे हमेशा रहेंगे। न उनपर मृत्यु का फैसला किया जाएगा कि वे मर जाएँ और यातना से आराम पा जाएँ, और न उनसे जहन्नम का अज़ाब ही कुछ हल्का किया जाएगा। इस प्रकार का बदला हम क़ियामत के दिन हर उस व्यक्ति को देंगे, जो अपने पालनहार की नेमतों का इनकार करने वाला है।