يَوۡمَ لَا يُغۡنِي عَنۡهُمۡ كَيۡدُهُمۡ شَيۡـٔٗا وَلَا هُمۡ يُنصَرُونَ ٤٦
जिस दिन न तो उनकी चाल काम आएगी और न उनकी सहायता की जाएगी।
तफ़सीर
जिस दिन उनकी चाल उन्हें थोड़ा या ज़्यादा कुछ भी फ़ायदा न देगी, और न उन्हें यातना से बचाकर उनकी मदद की जाएगी।
يَوۡمَ لَا يُغۡنِي عَنۡهُمۡ كَيۡدُهُمۡ شَيۡـٔٗا وَلَا هُمۡ يُنصَرُونَ ٤٦
जिस दिन न तो उनकी चाल काम आएगी और न उनकी सहायता की जाएगी।
जिस दिन उनकी चाल उन्हें थोड़ा या ज़्यादा कुछ भी फ़ायदा न देगी, और न उन्हें यातना से बचाकर उनकी मदद की जाएगी।