فَلۡيَأۡتُواْ بِحَدِيثٖ مِّثۡلِهِۦٓ إِن كَانُواْ صَٰدِقِينَ ٣٤
तो फिर वे इस (क़ुरआन) के समान एक ही बात बनाकर ले आएँ, यदि वे सच्चे हैं।
तफ़सीर
तो वे इस क़ुरआन जैसी एक बात ही ले आएँ, भले ही वह गढ़ी गई हो, यदि वे अपने इस दावे में सच्चे हैं कि मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने इसे अपनी ओर से गढ़ लिया है।