يَتَنَٰزَعُونَ فِيهَا كَأۡسٗا لَّا لَغۡوٞ فِيهَا وَلَا تَأۡثِيمٞ ٢٣
वे उसमें एक-दूसरे से मदिरा का प्याला लेंगे, जिसमें न कोई व्यर्थ बात होगी और न गुनाह में डालना।
तफ़सीर
वे जन्नत में ऐसा प्याला पिएँगे, जिसके पीने से वह ग़लत बात और पाप नहीं होगा, जो दुनिया में नशे के कारण होता है।