ٱلَّذِينَ هُمۡ فِي خَوۡضٖ يَلۡعَبُونَ ١٢
जो व्यर्थ बातों में पड़े खेल रहे हैं।
तफ़सीर
जो व्यर्थ और निरर्थक बातों में पड़े खेल रहे हैं। उन्हें दोबारा जीवित और एकत्र किए जाने की कोई परवाह नहीं हैं।
ٱلَّذِينَ هُمۡ فِي خَوۡضٖ يَلۡعَبُونَ ١٢
जो व्यर्थ बातों में पड़े खेल रहे हैं।
जो व्यर्थ और निरर्थक बातों में पड़े खेल रहे हैं। उन्हें दोबारा जीवित और एकत्र किए जाने की कोई परवाह नहीं हैं।