قُل لَّن يُصِيبَنَآ إِلَّا مَا كَتَبَ ٱللَّهُ لَنَا هُوَ مَوۡلَىٰنَاۚ وَعَلَى ٱللَّهِ فَلۡيَتَوَكَّلِ ٱلۡمُؤۡمِنُونَ ٥١
आप कह दें : हमें कुछ भी नहीं पहुँचेगा सिवाय उसके जो अल्लाह ने हमारे लिए लिख दिया है। वही हमारा मालिक है और अल्लाह ही पर ईमान वालों को भरोसा करना चाहिए।
तफ़सीर
(ऐ रसूल!) आप इन मुनाफ़िक़ों से कह दें : अल्लाह ने हमारे लिए जो कुछ लिख दिया है, उसके अलावा हमें कुछ भी नहीं पहुँचेगा। क्योंकि वही महिमावान हमारा मालिक और हमारा आश्रय है जिसका हम सहारा लेते हैं, और हम अपने मामलों में उसी पर भरोसा करते हैं। तथा ईमान वाले अपने मामलों को केवल उसी को सौंपते हैं। क्योंकि वही उनके लिए पर्याप्त, और सबसे अच्छा काम बनाने वाला है।