सूरह At-Tawbah, आयत 4

9:4

إِلَّا ٱلَّذِينَ عَٰهَدتُّم مِّنَ ٱلۡمُشۡرِكِينَ ثُمَّ لَمۡ يَنقُصُوكُمۡ شَيۡـٔٗا وَلَمۡ يُظَٰهِرُواْ عَلَيۡكُمۡ أَحَدٗا فَأَتِمُّوٓاْ إِلَيۡهِمۡ عَهۡدَهُمۡ إِلَىٰ مُدَّتِهِمۡۚ إِنَّ ٱللَّهَ يُحِبُّ ٱلۡمُتَّقِينَ ٤

सिवाय उन मुश्रिकों के, जिनसे तुमने संधि की, फिर उन्होंने तुम्हारे साथ (संधि के पालन में) कोई कमी नहीं की और न तुम्हारे विरुद्ध किसी की सहायता की, तो उनके साथ उनकी संधि को उनकी अवधि तक पूरी करो। निश्चय अल्लाह डर रखने वालों से प्रेम करता है।

तफ़सीर

सिवाय उन मुश्रिकों के, जिनसे तुमने संधि की, और उन्होंने अपनी संधि को पूरा किया तथा उसमें कुछ भी कमी नहीं की, तो वे लोग पिछले हुक्म से अलग हैं। ऐसे लोगों की संधि को उसकी अवधि समाप्त होने तक पूरा करो। निःसंदेह अल्लाह उन लोगों से प्रेम करता है, जो उसके आदेशों का पालन करके, जिनमें संधि को पूरा करना भी शामिल है और उसकी मना की हुई चीज़ों से दूर रहकर, जिनमें विश्वासघात भी शामिल है, उससे डरने वाले हैं।