सूरह At-Tawbah, आयत 3

9:3

وَأَذَٰنٞ مِّنَ ٱللَّهِ وَرَسُولِهِۦٓ إِلَى ٱلنَّاسِ يَوۡمَ ٱلۡحَجِّ ٱلۡأَكۡبَرِ أَنَّ ٱللَّهَ بَرِيٓءٞ مِّنَ ٱلۡمُشۡرِكِينَ وَرَسُولُهُۥۚ فَإِن تُبۡتُمۡ فَهُوَ خَيۡرٞ لَّكُمۡۖ وَإِن تَوَلَّيۡتُمۡ فَٱعۡلَمُوٓاْ أَنَّكُمۡ غَيۡرُ مُعۡجِزِي ٱللَّهِۗ وَبَشِّرِ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ بِعَذَابٍ أَلِيمٍ ٣

तथा अल्लाह और उसके रसूल की ओर से, महा हज्ज2 के दिन, स्पष्ट घोषणा है कि अल्लाह बहुदेववादियों (मुश्रिकों) से अलग है तथा उसका रसूल भी। फिर यदि तुम तौबा कर लो, तो वह तुम्हारे लिए उत्तम है, और यदि तुम मुँह मोड़ो, तो जान लो कि निश्चय तुम अल्लाह को विवश करने वाले नहीं, और जिन लोगों ने कुफ़्र किया, उन्हें दुखदायी यातना की शुभ सूचना दे दो।

फ़ुटनोट

2 यह एलान ज़ुल-ह़िज्जा सन् (10) हिजरी को मिना में किया गया कि अब काफ़िरों से कोई संधि नहीं रहेगी। इस वर्ष के बाद कोई मुश्रिक ह़ज्ज नहीं करेगा और न कोई काबा का नंगा तवाफ़ करेगा। (बुख़ारी : 4655)

तफ़सीर

तथा अल्लाह की तरफ़ से और उसके रसूल की तरफ़ से क़ुर्बानी के दिन तमाम लोगों को यह सूचना है कि अल्लाह बहुदेववादियों (मुश्रिकों) से बरी है, तथा उसका रसूल भी उनसे अलग है। फिर यदि (ऐ बहुदेववादियो!) तुम अपने शिर्क से तौबा कर लो, तो तुम्हारा तौबा करना तुम्हारे लिए बेहतर है, और यदि तुम तौबा से मुँह फेरो, तो सुनिश्चित हो जाओ कि तुम अल्लाह से कभी नहीं छूट सकते, और उसकी यातना से हरगिज़ नहीं बच सकते। तथा (ऐ रसूल!) आप अल्लाह का इनकार करने वालों को यह बुरी सूचना सुना दें कि एक दर्दनाक अज़ाब उनकी प्रतीक्षा कर रहा है।