۞ إِنَّ ٱللَّهَ ٱشۡتَرَىٰ مِنَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ أَنفُسَهُمۡ وَأَمۡوَٰلَهُم بِأَنَّ لَهُمُ ٱلۡجَنَّةَۚ يُقَٰتِلُونَ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ فَيَقۡتُلُونَ وَيُقۡتَلُونَۖ وَعۡدًا عَلَيۡهِ حَقّٗا فِي ٱلتَّوۡرَىٰةِ وَٱلۡإِنجِيلِ وَٱلۡقُرۡءَانِۚ وَمَنۡ أَوۡفَىٰ بِعَهۡدِهِۦ مِنَ ٱللَّهِۚ فَٱسۡتَبۡشِرُواْ بِبَيۡعِكُمُ ٱلَّذِي بَايَعۡتُم بِهِۦۚ وَذَٰلِكَ هُوَ ٱلۡفَوۡزُ ٱلۡعَظِيمُ ١١١
निःसंदेह अल्लाह ने ईमान वालों के प्राणों तथा उनके धनों को इसके बदले ख़रीद लिया है कि निश्चय उनके लिए जन्नत है। वे अल्लाह की राह में युद्ध करते हैं, तो वे क़त्ल करते हैं और क़त्ल किए जाते हैं। यह तौरात और इंजील और क़ुरआन में उसके ज़िम्मे पक्का वादा है और अल्लाह से बढ़कर अपना वादा पूरा करने वाला कौन है? तो अपने उस सौदे पर प्रसन्न हो जाओ, जो तुमने उससे किया है और यही बहुत बड़ी सफलता है।
तफ़सीर
निःसंदेह अल्लाह ने (अपनी कृपा से) ईमान वालों से उनके प्राणों को एक उच्च क़ीमत अर्थात जन्नत के बदले में ख़रीद लिया है, (हालाँकि वे अल्लाह ही की संपत्ति हैं)। क्योंकि वे काफ़िरों से लड़ते हैं ताकि अल्लाह का वचन सर्वोच्च हो। चुनाँचे वे काफ़िरों को क़त्ल करते हैं और काफ़िर उन्हें क़त्ल करते हैं। अल्लाह ने इसका सच्चा वादा मूसा अलैहिस्सलाम की पुस्तक तौरात, ईसा अलैहिस्सलाम की पुस्तक इनजील और मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की पुस्तक क़ुरआन में किया है, तथा अल्लाह से बढ़कर अपना वादा पूरा करने वाला कोई नहीं है। अतः (ऐ ईमान वालो!) अपने इस सौदे से प्रसन्न हो जाओ, जो तुमने अल्लाह से किया है। क्योंकि तुमने इसमें बहुत लाभ कमाया है और यह सौदा ही बहुत बड़ी सफलता है।