सूरह At-Takwir, आयत 18

81:18

وَٱلصُّبۡحِ إِذَا تَنَفَّسَ ١٨

तथा सुबह की, जब वह रौशन होने लगे।

तफ़सीर

और सुबह की क़सम खाई, जब उसकी रौशनी फैलने लगे।