सूरह Ash-Shura, आयत 47

42:47

ٱسۡتَجِيبُواْ لِرَبِّكُم مِّن قَبۡلِ أَن يَأۡتِيَ يَوۡمٞ لَّا مَرَدَّ لَهُۥ مِنَ ٱللَّهِۚ مَا لَكُم مِّن مَّلۡجَإٖ يَوۡمَئِذٖ وَمَا لَكُم مِّن نَّكِيرٖ ٤٧

अपने पालनहार का निमंत्रण स्वीकार करो, इससे पहले कि वह दिन आए, जिसे अल्लाह की ओर से टलना नहीं। उस दिन तुम्हारे लिए न कोई शरण स्थल होगा और न तुम्हारे लिए इनकार का कोई रास्ता होगा।

तफ़सीर

(ऐ लोगो!) अपने पालनहार की बात मान लो, इस प्रकार कि उसके आदेशों क पालन करने और उसके निषेधों से बचने में जल्दी करो और टालमटोल को छोड़ दो, इससे पहले कि क़ियामत का दिन आ जाए, जिसके आ जाने पर उसे कोई टाल नहीं सकता। उस दिन तुम्हारे पास कोई शरण स्थल न होगा, जहाँ तुम शरण ले सको और तुम दुनिया में अपने किए हुए गुनाहों का इनकार भी नहीं कर सकोगे।