ذِكۡرَىٰ وَمَا كُنَّا ظَٰلِمِينَ ٢٠٩
याद दिलाने के लिए। और हम अत्याचारी नहीं थे।
तफ़सीर
उन्हें नसीहत करने और याद दिलाने के लिए। तथा रसूलों को भेजकर और किताबें उतारकर उनके लिए बहाना का रास्ता बंद करने के बाद, हम उन्हें यातना देकर अन्याय नहीं कर रहे थे।