सूरह Ash-Shu'ara, आयत 196

26:196

وَإِنَّهُۥ لَفِي زُبُرِ ٱلۡأَوَّلِينَ ١٩٦

तथा निःसंदेह यह निश्चित रूप से पहले लोगों की पुस्तकों में मौजूद है।33

फ़ुटनोट

33 अर्थात सभी आकाशीय ग्रंथों में अंतिम नबी मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के आगमन तथा आपपर पुस्तक क़ुरआन के अवतरित होने की भविष्वाणी की गई है। और सब नबियों ने इसकी शुभ-सूचना दी है।

तफ़सीर

और इस क़ुरआन का वर्णन पिछले लोगों की किताबों में भी आया है। चुनाँचे इसकी ख़ुशख़बरी पिछली आसमानी किताबों में भी दी गई है।