सूरह Ash-Shu'ara, आयत 189

26:189

فَكَذَّبُوهُ فَأَخَذَهُمۡ عَذَابُ يَوۡمِ ٱلظُّلَّةِۚ إِنَّهُۥ كَانَ عَذَابَ يَوۡمٍ عَظِيمٍ ١٨٩

चुनाँचे उन्होंने उसे झुठला दिया। तो उन्हें छाया31 के दिन की यातना ने पकड़ लिया। निश्चय वह एक बड़े दिन की यातना थी।

फ़ुटनोट

31 अर्थात उनकी यातना के दिन उनपर बादल छा गया। फिर आग बरसने लगी और धरती कंपित हो गई। फिर एक कड़ी ध्वनि ने उनकी जानें ले लीं। (इब्ने कसीर)

तफ़सीर

चुनाँचे वे शुऐब अलैहिस्सलाम को झुठलाते रहे, तो उनपर एक बड़ी यातना आ पड़ी।एक भीषण गरमी वाले दिन के बाद, उनपर बादल छा गया, फिर उनपर आग बरसाकर उन्हें जला दिया। निश्चय उनके विनाश का दिन बड़े भय का दिन था।