وَٱلشَّمۡسِ وَضُحَىٰهَا ١
सूरज की क़सम! तथा उसके ऊपर चढ़ने के समय की क़सम!
तफ़सीर
अल्लाह ने सूरज की क़सम खाई है और उसके पूरब से निकलने के बाद ऊपर चढ़ने के समय की क़सम खाई है।
وَٱلشَّمۡسِ وَضُحَىٰهَا ١
सूरज की क़सम! तथा उसके ऊपर चढ़ने के समय की क़सम!
अल्लाह ने सूरज की क़सम खाई है और उसके पूरब से निकलने के बाद ऊपर चढ़ने के समय की क़सम खाई है।