بَلۡ جَآءَ بِٱلۡحَقِّ وَصَدَّقَ ٱلۡمُرۡسَلِينَ ٣٧
बल्कि वह सत्य लेकर आए हैं तथा उन्होंने सभी रसूलों की पुष्टि की है।
तफ़सीर
वास्तव में, उन्होंने बहुत बड़ा झूठा आरोप लगाया है। क्योंकि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम दीवाने या कवि नहीं थे। बल्कि आप वह क़ुरआन लेकर आए हैं, जो अल्लाह को एक मानने (एकेश्वरवाद) और उसके रसूल का अनुसरण करने का आह्वान करता है। तथा रसूलगण अल्लाह के पास से जो तौहीद (एकेश्वरवाद) और आख़िरत का प्रमाण लेकर आए थे, उसमें उनकी पुष्टि की है और किसी भी चीज़ में उनका विरोध नहीं किया है।